Description
मनोरम’ शब्द यह दर्शाता है कि इस श्रृंखला को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छात्र इसे सहजता से समझ सकें और उसमें रुचि ले सकें। यह श्रृंखला न केवल व्याकरणिक नियम सिखाती है, बल्कि हिंदी भाषा की सुंदरता और भाव संपन्नता को भी उजागर करती है, जिससे विद्यार्थियों में भाषा के प्रति प्रेम उत्पन्न हो । विद्यार्थी , शिक्षक और अभिभावकों तीनों के लिए आकर्षक, भरोसेमंद और उपयोगी इस श्रृंखला को ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा ’ बुनियादी स्तर 2022, निपुण भारत मिशन एवं एन.सी .एफ़. स्कूली शिक्षा स्तर 2023 के आलोक में तैयार किया गया है। सी .बी .एस.ई. एवं आई.सी .एस.ई. समेत विभिन्न शिक्षा बोर्डों के पाठ्यक्रमानुसार एवं हिंदी तर भाषी क्षेत्रों के छात्रों की वर्तमान भाषायी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बालकेंद्रित एवं बाल मनोविज्ञान की दृष्टि से प्रासंगि क बनाया गया है। इस श्रृंखला के माध्यम से व्याकरण को संवादपूर्ण, सम्प्रेषण आधारित एवं प्रायोगिक विधिबना कर व्याकरणिक अवधारणाओं की समझ को स्थापित करने का प्रयास किया गया है। यह श्रृंखला लयात्मकना वाचार का एक अद्भुत उदाहरण है। हर कक्षा में व्याकरण के बिन्दुओं को सरल-सहज बनाने के लिए सरस व तुकांत लघुगीतों का प्रयोग किया गया है जो न केवल जटिल परिभाषाओं में बच्चे को उलझने से बचा ते हैं बल्कि रोचक एवं आनंददायी ढंग से उन्हें समझने और आत्मसात करने में भी मदद करते हैं। इस श्रृंखला में स्वयं करके सीखने के अनेक अवसर दिए गए हैं, जो कक्षा में विद्यार्थी की भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगे। कक्षा में व्याकरण के पठन-पाठन की प्रक्रिया को उत्सा हवर्धक एवं मनोरम बना ने हेतु छात्रों की रूचि एवं आयु/बौद्धिक स्तर एवं भाषायी क्षमता को ध्यान में रखकर ही व्याकरण के पाठों का प्रवाह सुनिश्चित किया गया है। श्रृंखला का उद्देश्य उसके नाम में ही निहित है– मन को हरने वाली , सरल और प्रभावशाली व्याकरण सीखने की प्रक्रिया । यह नाम एक ऐसी शिक्षण दृष्टि का परिचायक है जो भाषा की जटिलताओं को सरल बना कर आनंदमय अनुभव में बदल देती है।





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